केन्द्र सरकार के पहुंच कार्यक्रम के अंतर्गत श्री किशन रेड्डी ने गंदेरबल, कश्मीर का दौरा किया; 20 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखीमोदी सरकार का प्रयास है कि नीतिगत खामियों को समाप्त कर दशकों से लटकी हुई परियोजनाएं शुरू करने के काम में तेजी लाई जाए : श्री रेड्डी
युवाओं को जम्मू और कश्मीर के विकास की गाथा लिखनी होगी और उन्हें एक योग्य मंच प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे : श्री रेड्डीकेन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री जी.किशन रेड्डी ने संघ शासित जम्मू और कश्मीर में केन्द्र सरकार के विस्तृत पहुंच कार्यक्रम के तहत आज गंदेरबल जिले का दौरा किया। कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तहत श्री रेड्डी ने पहले दिन गंदेरबल जिले की यात्रा की। उन्होंने स्थानीय लोगों और आधिकारिक साझेदारों के साथ बातचीत की। उन्होंने केन्द्र सरकार की अनेक योजनाओं के अंतर्गत हो रही प्रगति का आकलन किया। श्री रेड्डी ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
श्री रेड्डी ने लोगों का आह्वान किया कि वे संघ शासित प्रदेश के विकास में समान रूप से भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि संघ शासित जम्मू और कश्मीर में देश के शक्ति केन्द्र के रूप में उभरने की काफी संभावनाएं हैं। सही नीतिगत हस्तक्षेप और ईमानदार इरादों के साथ इन संभावनाओं का दोहन किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू और कश्मीर का विकास एजेंडा में शीर्ष पर होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के निवासियों के लिए नये सिरे से विकास की संभावनाएं तलाशने के साथ इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गंदेरबल में भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री रेड्डी ने इस तथ्य को भी उजागर किया कि कश्मीर की विकास गाथा तैयार करने की दिशा में पहला कदम सभी नीतिगत खामियों को दूर करना और भ्रष्टाचार को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनेक आवश्यक परियोजनाएं जैसे – पीने का पानी, बिजली उत्पादन आदि वर्षों से और यहां तक कि कई दशकों से लटकी पड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि 3,631 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रमुख क्षेत्रों में 1644 परियोजनाएं लटकी पड़ी हैं। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) परियोजनाओं के अंतर्गत कार्य में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि 63 परियोजनाओं में से 14 पूरी हो चुकी हैं/काफी हद तक पूरी हुई हैं और अन्य कार्यान्वयन की विभिन्न अवस्थाओं में हैं।
बिजली क्षेत्र में सुधारों की जानकारी देते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि 40 वर्ष की अनिश्चित स्थिति के बाद रूकी हुई परियोजनाओं जैसे- शाहपुर-कंडी बांध परियोजना पर कार्य में तेजी लाने के साथ, ही अन्य परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है, ताकि बिजली की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, जो वृद्धि और विकास का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना और रतले पनबिजली परियोजना के वर्षों तक लटके रहने के बाद, उनमें नई जान डाली गई है।
श्री रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर जम्मू और कश्मीर में जबर्दस्त स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा विकसित करना है। उन्होंने बताया कि सांबा और अवंतीपुरा में दो एम्स जिनका कार्य भूमि और वन के मुद्दों को लेकर रूक गया था, उन्हें पूरा करने की अब मंजूरी दे दी गई है। बारामूला, अनंतनाग, राजौरी, कठुआ और डोडा में पांच नये मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी दी गई है, जो पिछले 70 वर्षों में सबसे बड़ी इकलौती अनुवृद्धि है।
जम्मू और कश्मीर के विकास में कौशल प्राप्त युवाओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार रोजगार और युवकों के कौशल विकास पर समान रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि युवा ही जम्मू कश्मीर के विकास की गाथा लिखेंगे और केन्द्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उनके पास एक योग्य मंच हो। इसके लिए उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास सरकार के प्रमुख क्षेत्र होंगे।
श्री रेड्डी ने कहा कि हमारी संकल्पना हकीकत में बदले, यह सुनिश्चित करने के लिए, केन्द्र सरकार ने खामियों को दूर करने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में काम किया है। श्री रेड्डी ने कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन पुस्तिकाएं वितरित कीं, ताकि उन्हें 1000 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जा सके।